प्रतीक प्रतीक
अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो
रिवाज़ों से भरा है देश फिर भी नरम आगाज़ है एकता का प्रतीक तिरंगा सरताज है रिवाज़ों से भरा है देश फिर भी नरम आगाज़ है एकता का प्रतीक तिरंगा सरता...
हां मुझे प्यार हुआ है मेरे देश मेरे खलियानों से देश रक्षक प्राणों से सभ्यता कीप्रतीक हां मुझे प्यार हुआ है मेरे देश मेरे खलियानों से देश रक्षक प्राणों से सभ...
प्रेम का प्रतीक बनकर हृदय में समा जाती है, तभी तो ये कवि की कविता कहलाती है। प्रेम का प्रतीक बनकर हृदय में समा जाती है, तभी तो ये कवि की कविता कहलाती है।
इस गुलाब की खुशबू की तरह एहसास दिलाती है जिंदगी इस गुलाब की खुशबू की तरह एहसास दिलाती है जिंदगी